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True devotional love with god
Q: आप का संदेश मिला, किसी इंसान पर भरोसा करना प्रभु से बेवफ़ाई है| इसका अर्थ नही समझ आया|
A: निश्चय ही बेवफ़ाई इस तरह से है, यूँ समझिए कि एक बच्चा माँ की गोद में बैठा है और माँ कहे, बच्चे खाना खा लो और बच्चा कहे कि मैं आपके हाथ से नही खा सकता, क्या पता आपने जहर मिलाया हो और किसी अंजान औरत के पास जा कर के उसके डब्बे में से खाना शुरू कर दे तो यह बात तो वो ही हो गयी|
अगर परमात्मा से हमारा प्रेम वास्तविक है तो फिर प्रभु के अलावा किसी और से हम प्यार की चाहना कैसे कर सकते हैं? किसी और पर विश्वास कैसे कर सकते है? तो यह हुई बेवफ़ाई|


