मांगलिक दोष क्या होता है और उसके क्या नुक्सान होते हैं?
Q : मांगलिक दोष क्या होता है और उसके क्या नुक्सान होते हैं? लोग कहते हैं, मांगलिक दोष वाला व्यक्ति ज़्यादा समय तक जी नहीं सकता है, जबकि मौत तो तब आएगी, जब उसको आना है, इसके बारे में कुछ बताइए|
निहारिका
Answer निहारिका, मांगलिक दोष जो है वो जल्दी किए बहुत लोगो को होता नहीं है|लेकिन जिन ज्योतिषियों से लोग अपनी कुंडली दिखा रहे होते हैं, सच बात तो यह है इन्हें खुद भी नहीं पता होता कि क्या बोल रहे हैं, बस बोल जाते हैं कुछ भी| क्योंकि अगर वो आपको डरा कर रखेंगे, तभी तो आपसे पैसे कमाएँगे| वो फिर आपको कहेंगे, भाई देखो! यह-यह चीज़ खराब है, तेरे को मांगलिक दोष है, तू शादी करेगा तो तेरी बीवी या तेरा घरवाला मर जाएगा| तो क्या करें, पंडितजी? तो हम तुम्हारे मंगल का उपचार कर देते हैं| तो हम तुम्हारे लिए पूजा करा देते हैं| दस हज़ार, बीस हज़ार रूपए, पचास हज़ार रुपए … आपकी औकात देख लेते हैं कि आप कितने पैसे खर्च कर सकते हो| तो उतने पैसे आपसे ऐंठ लेंगे, फिर आपको मूँगा पहनवा देंगे| मूँगा पहन लो, मूँगा पहनने से मंगल का दोष नहीं लगेगा, और यह कर लो तो यह नहीं होगा, वो कर लो तो यह नहीं होगा| अरे!…. कुछ भी बुरा नहीं होता है| ज्योतिष के अनुसार, सब ग्रह हमारा अच्छा भी करते हैं और सब ग्रह हमारा बुरा भी कर सकते हैं| परन्तु, क्या जिंदगी इसी का नाम नहीं है, कुछ अच्छा, कुछ बुरा| Isn’t it so? Life is the best masala film!
मांगलिक दोष क्या होता है? अगर मंगल की placement आपके चार्ट में किसी खराब house में हो जावे तो| लेकिन ज्योतिष एक बहुत गहरा विषय है| It is a very deep science. आप जिस किसी ज्योतिषी को जानते हैं उससे चार सवाल करना, तो उससे तुमको यह मालूम हो जाएगा कि वो ज्योतिषी असली है कि नकली| ज्योतिषियों की भी पोल खोली जा सकती है| सबसे पहले, क्या उसको Arithmetic आता है, क्योंकि जिसको गणित नहीं आता है वो Astrologer नहीं होता, ठीक| He should be very good in Mathematics. दूसरा, उस बंदे का मनोविज्ञान अच्छा होना चाहिए| अगर उसकी मनोविज्ञान के ऊपर पकड़ नहीं है, वो अच्छा ज्योतिषी नहीं हो सकता| तीसरा, जिस कुंडली को वह देख रहा है, जिस जन्मपत्रिका को वह देख रहा है, जन्मपत्रिका तब तलक सही नहीं हो सकती है जब तलक बच्चे के जन्म का समय precisely नहीं पता हो| जब हम बोलते हैं कितने बजे बच्चा पैदा हुआ, तो उस समय पर कितने मिनट, कितने सेकेंड; और अब लोगो को यह तो पता है छह बजे पैदाइश हुई या बोल देंगे, छह बज के दस मिनट पर पैदाइश हुई थी| लेकिन प्रश्न यह उठेगा, कितने सेकेंड? क्योंकि डिग्री बदल जाती है sun की| पृथ्वी घूम रही है, सूर्य घूम रहा है, पृथ्वी अपने चक्र पर भी घूम रही है और पृथ्वी सूर्य के around भी घूम रही है| और यह जो चक्र चल रहा है, यह जो revolution हो रही है, इसमे हर सेकेंड में डिग्री बदलती जा रही है|
तो सौ में से नब्बे प्रतिशत बार तो पत्री ही ग़लत बनी होती है| क्योकि लोग कहते हैं, कितने बजे पैदा हुआ? ओजी शाम दे छह वजे सी| अच्छा भाई! अब इससे क्या होता है| फिर अगर हमारे पास टाइम precise है भी, तो फिर उसके आगे भी बहुत सारी चीज़ों का ध्यान रखा जाता है| किस ग्रह की दशा चल रही है, transit में कौन है, अष्टक वर्ग से देखना पड़ता है और द्रेश्कोन देखना पड़ता है, त्रिमांश से देखना पड़ता है, नौमान्श से देखना पड़ता है, चंद्र लग्न की कुंडली से देखना पड़ता है| तो कम से कम नौ-दस steps होते हैं, जिन steps के बाद यह तय किया जा सकता है कि किस को कौन सा ग्रह favourable है, और किस को कौन सा ग्रह favourable नहीं है|
It’s not easy - a good astrologer has to be a good mathematician and he has to also be a good astronomer. Do you know who an astronomer is? One who understands the placement and movement of stars and planets. So he should be a mathematician, an astronomer, a psychologist, and should have great intuitive powers too.
उसके बगैर उसका ज्योतिष कभी भी ठीक नहीं हो सकता| और फिर उससे बढ़िया चीज़, जो ज़रूरी चीज़ है, वो यह कि वो चीज़ो का तारतम्य बना सके| आप ऐसे किसी अच्छे ज्योतिष आचार्य को मिलो तो वो यहाँ तक बता सकता है कि आप क्या चीज़ खा कर आए हो| क्यों? क्योंकि वो आपके चार्ट में तारों की, ग्रहों की चाल क्या चल रही है वो देखेगा, या किस ग्रह का प्रभाव अधिक आ रहा है उसको देखेगा| For example, अगर किसी की ब्रहस्पति की दशा चल रही हो, तो उसको मीठा खाना अच्छा लगेगा, वो बार-बार मीठा खाएगा| किसी की अच्छी placement हो, केतु की दशा चल रही हो तो उसको Occult Sciences में interest हो जाएगा, reading में interest हो जाएगा| जप करने में interest हो जाएगा|
लोग बोलते हैं शनि की दशा बुरी होती है| किसने कहा? नहीं, आप, इस चीज़ को अच्छे से समझ लेना, यह विषय बहुत deep है, इसमें मैं बहुत detailing में नहीं जा रही हूँ, but just giving you an broader view about all these things. किसी का शनि खराब हो, किसी का मंगल खराब हो, किसी का गुरु खराब हो, किसी का कुछ भी खराब हो| हाँ, अगर astronomically दस चीज़े भी खराब हैं न उसके चार्ट में, लेकिन अगर वो इंसान चार चीज़े करता रहे, एक- सात्विक जीवन जिये, जैसा तुम अभी जी रहे हो ना, सुबह जल्दी उठना, योग करना, जप करना, सत्संग करना, सेवा करना| अगर वो सात्विक जीवन जिये, दूसरा- मंत्र जप करे हर रोज़, तीन- दान करे, चौथा- गुरुजनों की सेवा करे| कोई बुरा ग्रह आपका बुरा कर ही नहीं सकता| इसलिए इस फ़िक्र में नहीं पड़ना चाहिए मेरे चार्ट में क्या खराब है| Most of the time, आपके चार्ट का wrong analysis होने वाला है और अगर कोई सही analysis कर भी रहा है, मान लो कोई तकलीफ़ सच में है, है भी, तो भी क्या बात हो गई|
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