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सुबह प्राणायाम के बाद से जप नहीं कर पाती हूँ..

Q : आसन, प्राणायाम, योग निद्रा सब करने की कोशिश कर रही हूँ. पर सुबह प्राणायाम के बाद से जप नहीं कर पाती हूँ, बोलने की इच्छा नहीं होती और फिर मन ग्लानि से भर जाता है, क्या करूँ?

राखी


Answer प्राणायाम के बाद मन स्वतः ही शांत हो जाता है, इसलिए बोलने में परेशानी महसूस होती है तो ठीक है, आप उसको मानसिक करिए| मन्त्र को जिह्वा से बोलने की आवश्यकता नहीं होती है, अगर वास्तव में प्राणायाम सही से हुआ है तो मन एकाग्र होगा ही, होना चाहिए भी| उसके बाद जप करने में परेशानी का कारण मुझे तो दिखाई नहीं पड़ता है, सिवाए इसके कि या तो तुम्हारा शरीर बहुत थक जाता है, अरुचि आ जाती है उसकी वजह से, तो आप यह कर सकते हैं कि कुछ देर शवासन में विश्राम करें. जप के लिए एक समय निशचित कर लेना चाहिए, उस समय में रोज़ बैठना अच्छा रहता है, श्रेष्ठकर होता है| पर फिर यह भी समझना होगा कि अगर आप सुबह से जगे हैं और आसन, प्राणायाम करते रहे हों, तो थोड़ी बहुत शिथिलता, वो आ जाती है| तो शिथिलता के कारण जप नहीं हो रहा है तो उसमें बेहतर यह ही रहेगा कि कुछ देर विश्राम करिए, अगर भूख लगी है तो कुछ हल्का सा आहार कर के और फिर उसके बाद जप में बैठ जाइए| अगर आप जप रोज़ करना चाह रहे हैं, तो जप एक ही समय में निश्चित होना चाहिए, अच्छा रहता है| गुरुमाँ

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