क्या रोज़ अलग अलग ध्यान किया जा सकता है?
Q : जय गुरुदेव, चरण स्पर्श
रोज़ अलग अलग ध्यान करने को मन करता है, जबकि गुरुदेव आप कहते हैं कि एक ही ध्यान तीन मास तक करना चाहिए, कृपा मार्ग दर्शन करें|
अनिता मुंजल
Answer
अनिता, होना तो ऐसा ही चाहिए| रोज़ अलग-अलग ध्यान करते रहने से आप किसी भी एक मार्ग को, किसी भी एक साधना को अच्छे से समझ नहीं पाएँगे| इसलिए आप को जो सबसे प्रिय हो, उस विधि को ले लीजिए और उसको कीजिए| यह भी तुम्हारा चंचल मन है जो कहता है कि रोज़ एक नई चीज़ होनी चाहिए, रोज़ एक नई चीज़ होनी चाहिए| वो ही मन कह रहा है, रोज़ एक नया ध्यान होना चाहिए| तो आप मन के इस चक्कर में मत पड़िये|
गुरुमाँ
Views: 1,092
Tags: meditation, meditation techniques, mind, Sadhana
Videos Related to above Question










