क्या मनुष्य पुरुषार्थ से प्रारब्ध को बदल सकता है?

Q : क्या मनुष्य पुरुषार्थ से प्रारब्ध को बदल सकता है, या उसे सहने के योग्य बन सकता है?

सुरेश दधीच



Answer प्रारब्ध क्या है, यह आपके पूर्व कर्मों का समूचे है| संचित कर्मों का एक खजाना है, उसको हम कहते हैं 'प्रारब्ध'| 'पुरुषार्थ' वर्तमान काल में कर सकते हैं| तो आप अपने प्रारब्ध को तो नहीं बदल सकते हैं, वो तो हो चुका, वो तो तीर निकल गये, कमान से| लेकिन पुरुषार्थ क्या है, आज अगर अपने वर्तमान मे आप विवेक, समझदारी, ज्ञान, ईश्वर भक्ति, ईश्वर में विश्वास, जीवन में सयन्म और नियम, अगर यह पुरुषार्थ, आज आप करते हैं, तो निश्चित प्रारब्ध सहने योग्य बन जाएगी| गुरुमाँ

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