कैसे बनाऊँ खुद को पात्र कि आपके सावन के प्रसाद को पी सकूँ?
Q : पुणे से मैं एम.बी.ए कर रहा हूँ. पहली बार आपसे बात हो रही है, कैसे शुरुआत करूँ? आपसे दूर रह कर भी कैसे बनाऊँ खुद को पात्र कि आपके सावन के प्रसाद को पी सकूँ?
वैभव सालवी
Answer वैभव, बड़ा आसान है, जो मैं कह रही हूँ, उसे हिरदयंगम करो, जो बात समझ आ गयी है, उसको अपने जीवन में ले आओ और दिन की शुरुआत ध्यान से करो|
ध्यान तब तक नहीं हो सकता है, जब तक मन स्थिर ना हो, तो उसके लिए पहले फिर धारणा करनी होगी|
धारणा क्या है? तो वो है योग निद्रा| योग निद्रा करो, जप करो, मन को शुद्ध करेगा जप, और धीरे धीरे आपके अंदर इस भावना को और भी गहरा करता जाएगा| आनंद से अपनी पढ़ाई कीजिए और आनंद से अपने भीतर की यात्रा भी कीजिए|
गुरुमाँ
Views: 23,674
Tags: disciplehood, master's grace
Videos Related to above Question










