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वज्रासन के लाभ

वज्रासन में बैठने पर हमारे पाचनतंत्र को बहुत लाभ मिलता है। और ऐसे बैठने पर कामोत्तजना पर नियंत्रण होता है। जब आप यूँ घुटने मोड़कर नितम्बों को पाँव की एड़ी पर टिकाकर बैठते हैं तो शरीर में वज्र नाम की एक नाड़ी है, जिस पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। और यही वज्र जननांगों, काम के अंगों को नियंत्रित करती है।

वज्रासन पेट को भी ठीक रखता है। इसके साथ – साथ ध्यान का भी एक बहुत उत्तम आसन है। क्योंकि इसमें हमारे चक्रों पर सीधे प्रभाव आता है, जैसे मूलाधार चक्र। मूलधार चक्र पुरुषों के लिंग और गुदा के बीच में जिसे हम पैरीनियम कहते हैं और स्त्रियों के गर्भाशय के बाहरी ग्रीवा में, जहाँ से सर्विक्स प्रारम्भ होती है, ठीक वहां पर है।

इस तरह वज्रासन ध्यान के लिए भी उत्तम है और शरीर को और पाचन शक्ति को तेज करने के लिए भी यह उत्तम आसन है।